पिछले एक दशक में भारत के डिजिटल भुगतान प्रणाली में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के लिए सुलभ सरल और सुरक्षित भुगतान प्रणाली का निर्माण करना है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ( एनपीसीआई ) द्वारा विकसित एकीकृत भुगतान इंटरफेस ( यूपीआई ) भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है।

आज यूपीआई 11 देशों में स्वीकार किया जाता है। इनमें ग्रीस और मालदीव नवीनतम देश हैं , जिन्होंने भारत के रीयल - टाइम भुगतान प्लेटफॉर्म को अपनाया है।

अपने अंतःसंचालनीय डिजाइन और उपयोग में सरलता के साथ , यूपीआई ने व्यक्तियों , व्यवसायों और सरकारी संस्थाओं के लेन - देन के तरीके को मौलिक रूप से बदल दिया है।

पिछले एक दशक में , यूपीआई भारत के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम की रीढ़ बन गया है। यूपीआई के विकास में कुछ प्रमुख पड़ाव निम्नलिखित हैं :

यूपीआई ने लेनदेन की मात्रा और मूल्य दोनों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी है , जो व्यक्तियों , कंपनियों और वित्तीय संस्थानों द्वारा इसके व्यापक रूप से अपनाए जाने को दर्शाती है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 से वित्तीय वर्ष 2025-26 तक :

यूपीआई से भारत में डिजिटल भुगतान के परिमाण और पहुंच में रूपांतरकारी बदलाव आया है। जुलाई 2026 में :

यूपीआई वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी रीयल - टाइम भुगतान प्रणाली के रूप में उभरी है। 2024 तक , वैश्विक रीयल - टाइम भुगतान लेनदेन मात्रा में यूपीआई की हिस्सेदारी लगभग 49 प्रतिशत थी । इस उपलब्धि को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ( आईएमएफ ) ने जून 2025 में प्रकाशित अपनी रिपोर्ट " ग्रोइंग रिटेल डिजिटल पेमेंट्स : द वैल्यू ऑफ इंटरऑपरेबिलिटी " में रेखांकित किया था।

यूपीआई के उपयोग से डिजिटल भुगतान सरल , सुरक्षित और अंतरसंचालनीय बना है और इससे भारत में लेन - देन के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव आया है। इसकी तीव्र स्वीकृति , निरंतर नवोन्मेषण और वैश्विक स्तर पर बढ़ती उपस्थिति ने यूपीआई को भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का एक महत्वपूर्ण घटक बना दिया है।

नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ( एनपीसीआई )

साइट को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) द्वारा होस्ट किया जाता है । इस पर सूचनाएं पत्र सूचना कार्यालय, "ए" विंग, शास्त्री भवन, डॉ राजेंद्र प्रसाद रोड़, शास्त्री भवन, नई दिल्ली – 110001, फोन : 23389338 द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है और अद्यतित की जाती है ।

मुख्य बातें

  • पिछले एक दशक में भारत के डिजिटल भुगतान प्रणाली में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है।
  • इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के लिए सुलभ सरल और सुरक्षित भुगतान प्रणाली का निर्माण करना है।
  • भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ( एनपीसीआई ) द्वारा विकसित एकीकृत भुगतान इंटरफेस ( यूपीआई ) भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति का एक महत्वपूर्ण स…

स्रोत और संदर्भ

  1. पत्र सूचना कार्यालय (PIB) · यूपीआई: भारत के भुगतान परिदृश्य में बदलाव ↗21 सितंबर 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 21 सितंबर 2026।

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