सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत “मेरे सपनों का भारत” गतिविधि के तहत शनिवार को पीएमश्री कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, झाबुआ में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट की अध्यक्षता में करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. भरसट ने छात्राओं को विभिन्न करियर विकल्पों, विषय चयन, लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास, निरंतर परिश्रम और असफलताओं से सीखते हुए आगे बढ़ने के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी करियर संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

कलेक्टर डॉ. भरसट ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि करियर का चुनाव जीवन के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक है, क्योंकि आज लिया गया निर्णय आने वाले 30 से 40 वर्षों के जीवन को प्रभावित करता है। कक्षा 10वीं और 12वीं का समय विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण दौर होता है। इस समय अपनी रुचि, क्षमता और भविष्य के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सही निर्णय लेना आवश्यक है। सही दिशा में लिया गया निर्णय भविष्य को बेहतर बनाता है, जबकि बिना सोचे-समझे लिया गया निर्णय आगे की राह को कठिन बना सकता है।

उन्होंने कहा कि कई बार बालिकाएं कक्षा 12वीं के बाद पारिवारिक परिस्थितियों, आर्थिक कारणों अथवा उचित मार्गदर्शन के अभाव में आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाती हैं। ऐसे में छात्राओं को अभी से अपने भविष्य के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए। यह सोचकर नहीं चलना चाहिए कि 12वीं के बाद करियर के बारे में निर्णय लिया जाएगा, बल्कि पहले से अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसकी तैयारी प्रारंभ करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “आपका करियर दूसरों के निर्णय पर निर्भर नहीं होना चाहिए। अपनी रुचि, योग्यता और क्षमता को पहचानें तथा स्वयं अपने भविष्य की दिशा तय करें।”

कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने आप में अलग होता है। सभी की रुचि, योग्यता और कार्यक्षमता अलग-अलग होती है, इसलिए करियर चुनते समय दूसरों से तुलना करने के बजाय स्वयं की रुचि को प्राथमिकता दें। वर्तमान समय में प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हैं। विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, शिक्षक, प्रोफेसर, सिविल सेवक बनने के साथ कला, स्टार्टअप एवं अन्य क्षेत्रों में भी अपना भविष्य बना सकते हैं।

उन्होंने छात्राओं को विषय चयन के संबंध में मार्गदर्शन देते हुए कहा कि कक्षा 10वीं के बाद विषय का चयन केवल दूसरों को देखकर नहीं, बल्कि अपनी रुचि और भविष्य के लक्ष्य के अनुरूप करें। यदि कोई विद्यार्थी डॉक्टर अथवा इंजीनियर बनने का लक्ष्य रखता है तो उसे विज्ञान विषय का चयन करना होगा। अंग्रेजी अथवा किसी अन्य विषय को लेकर मन में भय नहीं रखना चाहिए। आत्मविश्वास और नियमित अभ्यास से किसी भी विषय पर अच्छी पकड़ बनाई जा सकती है। कलेक्टर डॉ. भरसट ने स्वयं के अनुभव साझा करते हुए छात्राओं को अंग्रेजी से नहीं डरने और आत्मविश्वास के साथ अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां कभी भी बड़े सपने देखने में बाधा नहीं बननी चाहिए। परिस्थितियां कठिन हो सकती हैं, लेकिन हौसला मजबूत और मेहनत निरंतर हो तो लक्ष्य तक पहुंचा जा सकता है। विद्यार्थियों को सपने देखने के साथ उन्हें पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करना चाहिए। लक्ष्य प्राप्ति की राह में कभी निराशा आए तो अपने सपने और उद्देश्य को याद करें तथा स्वयं को सकारात्मक बनाए रखें।

कलेक्टर डॉ. भरसट ने कहा कि जीवन में कोई भी बड़ी उपलब्धि आसानी से प्राप्त नहीं होती। उसके लिए अथक परिश्रम, अनुशासन और धैर्य की आवश्यकता होती है। मेहनत से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए और असफलता से डरना नहीं चाहिए। असफलता को सीख के रूप में स्वीकार कर पुनः प्रयास करना चाहिए। किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए कभी देर नहीं होती, आवश्यकता केवल लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास की है।

छोटे-छोटे प्रयासों से ही हासिल होता है बड़ा लक्ष्य—सहायक आयुक्त श्रीमती बिसेन

सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती सुप्रिया बिसेन ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता बिना मेहनत के किसी के लिए भी आसान नहीं होती। बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए छोटे-छोटे कदमों से शुरुआत करनी होती है। विद्यार्थी जीवन में अनेक प्रकार के आकर्षण और भटकाव सामने आते हैं, लेकिन अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहकर इनसे पार पाना आवश्यक है। निरंतर प्रयास, अनुशासन और सकारात्मक सोच से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

छात्राओं से संवाद कर दूर की करियर संबंधी जिज्ञासाएं

कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर डॉ. भरसट ने छात्राओं से सीधा संवाद किया। छात्राओं ने विभिन्न विषयों के चयन, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध करियर अवसरों से जुड़े प्रश्न पूछे। कलेक्टर ने उनके प्रश्नों के उत्तर देते हुए करियर के चयन में स्वयं की रुचि, क्षमता और लक्ष्य को प्राथमिकता देने की समझाइश दी। उन्होंने छात्राओं को बिना किसी संकोच के अपने सपनों को बड़ा रखने और उन्हें साकार करने के लिए अभी से योजनाबद्ध तरीके से तैयारी करने के लिए प्रेरित किया।

‘मेरे सपनों का भारत’ चित्रकला प्रदर्शनी का किया अवलोकन

कलेक्टर डॉ. भरसट ने सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत “मेरे सपनों का भारत” विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। छात्राओं ने अपनी चित्रकला के माध्यम से विकसित, स्वच्छ, आत्मनिर्भर, शिक्षित एवं सशक्त भारत की अपनी कल्पनाओं को प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने छात्राओं की रचनात्मकता की सराहना करते हुए उन्हें अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर “मेरे सपनों का भारत” विषय पर आयोजित चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

नुक्कड़ नाटक से दिया स्वच्छता का संदेश

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत स्वच्छता के महत्व पर आधारित नुक्कड़ नाटक का प्रभावी मंचन किया गया। छात्राओं ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक स्वच्छता, आसपास के परिवेश को साफ रखने और स्वच्छता के प्रति प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को अपने भविष्य के प्रति जागरूक होने के साथ आत्मविश्वास, मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

इस दौरान प्राचार्य, शिक्षक एवं छात्राएं उपस्थित रहे।