मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने विकासखंड चांवरपाठा की ग्राम पंचायत लिंगा का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम में संचालित विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर ने सेवा सहकारी समिति के राशन वितरण केंद्र, एकीकृत प्राथमिक शाला एवं खाद वितरण केंद्र का निरीक्षण किया। साथ ही नल-जल योजना से लाभान्वित हितग्राहियों के घर पहुंचकर उनसे सीधे संवाद किया और योजना से मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सुश्री शानू चौधरी सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
राशन वितरण में लापरवाही पर विक्रेता को हटाने के निर्देश
कलेक्टर श्रीमती सिंह ने सेवा सहकारी समिति के राशन वितरण केंद्र का निरीक्षण कर खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने खाद्यान्न वितरण से संबंधित रिकॉर्ड एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान खाद्यान्न वितरण में लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने संबंधित विक्रेता महेन्द्र वैष्णव को हटाने के निर्देश दिए।
प्राथमिक शाला में 40 में से 35 विद्यार्थी मिले उपस्थित
कलेक्टर ने एकीकृत प्राथमिक शाला लिंगा का निरीक्षण कर विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्थाओं एवं विद्यार्थियों तथा शिक्षकों की उपस्थिति की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि विद्यालय में कुल 40 विद्यार्थी दर्ज हैं, जिनमें से 35 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए। कलेक्टर ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए।
घर-घर पहुंचकर नल-जल योजना के हितग्राहियों से किया संवाद
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने ग्राम लिंगा में नल-जल योजना के हितग्राहियों से घर-घर पहुंचकर संवाद किया। उन्होंने हितग्राहियों से नल के माध्यम से नियमित रूप से पानी मिलने, पानी आने के समय, जलकर/टैक्स तथा योजना से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने हितग्राहियों से सीधे संवाद कर यह भी जाना कि नल-जल योजना का लाभ उन्हें नियमित रूप से मिल रहा है या नहीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजना के सुचारू संचालन एवं ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
खाद वितरण केंद्र का किया निरीक्षण
कलेक्टर श्रीमती सिंह ने ग्राम लिंगा स्थित खाद वितरण केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था एवं संबंधित रिकॉर्ड का जायजा लिया। कलेक्टर ने रिकॉर्ड संधारण को व्यवस्थित एवं अद्यतन रखने तथा किसानों को खाद वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ ग्रामीणों तक समय पर और सुचारू रूप से पहुंचे तथा आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।


