सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जनपद पंचायत गोटेगांव की ग्राम पंचायत शंकरपुरी (सांकल) स्थित नर्मदा समृद्धि परियोजना शंकरपुरी सांकल घाट में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सहभागिता करते हुए पौधरोपण किया गया। इस दौरान 5,100 पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर मंत्री श्री पटेल ने माँ नर्मदा एवं भगवान शिव के मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर मंत्री श्री पटेल ने कहा कि तटीय क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के लिए शासन एवं जनसमुदाय मिलकर व्यापक स्तर पर पौधरोपण करें और लगाए गए पौधों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। इनसे होने वाली आय का लाभ स्थानीय समुदाय को मिले तथा लोग वृक्षों को बचाने के लिए संकल्पित हों। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का समन्वय कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अधिक से अधिक कार्य किए जाएं। सभी संकल्प लें कि वृक्षों की सेवा, माई की सेवा है। तटों पर हरियाली बढ़ाने के साथ प्राकृतिक पर्यावरण को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मंत्री श्री पटेल ने तटों को स्वच्छ व सुंदर रखने पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि तट पर पॉलीथिन एवं पूजन सामग्री न डाली जाए। इसके लिए आवश्यक प्रतिबंध के साथ व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से तटों को स्वच्छ एवं पर्यावरण को संरक्षित रखते हुए मां नर्मदा को अविरल एवं निर्मल बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम में श्रद्धेय दादा गुरु जी महाराज की विशेष उपस्थिति रही। इस अवसर पर विधायक गोटेगांव श्री महेन्द्र नागेश, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, पूर्व विधायक श्री हाकम सिंह चढ़ार, जनपद अध्यक्ष श्रीमती आरती सतीश पटेल, श्री संतोष दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, सीईओ जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह नागेश, जिला समन्वयक मप्र जनअभियान परिषद श्री जयनारायण शर्मा, मप्र जनअभियान परिषद की संस्थाएं, अन्य विकासखंड स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी और नागरिकगण मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि नर्मदा समृद्धि परियोजना का उद्देश्य नर्मदा नदी के संरक्षण के साथ-साथ नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में पर्यावरणीय एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। परियोजना के अंतर्गत तटबंधों का विकास, राइपेरियन जोन का निर्माण, रासायनिक खेती पर रोक तथा आजीविका समूहों के लिए स्थायी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इसके साथ ही नर्मदा सेवा समितियों के माध्यम से निगरानी, समुदाय आधारित गतिविधियों के जरिए नर्मदा सेवा तथा स्थानीय पादप प्रजातियों के संरक्षण एवं विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्नत उद्यानिकी पौधों के माध्यम से क्लस्टर विकसित करने की योजना भी परियोजना का हिस्सा है। नर्मदा उत्तर तट पर स्थित शंकरपुरी सांकल घाट में आयोजित यह वृहद पौधरोपण कार्यक्रम नर्मदा संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार और स्थानीय समुदाय की सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।



