मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। ऐसी ही सफलता की कहानी ग्राम कंसेर विकासखंड पिपलोदा की रहने वाली श्रीमती कृष्णा कपासिया की है। वे आदर्श आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। उनके ग्राम संगठन का नाम सरस्वती आजीविका ग्राम संगठन तथा संकुल स्तर संगठन प्रतिभा संकुल स्तर संगठन कालुखेडा है।
श्रीमती कृष्णा कपासिया ने बताया समूह से जुड़ने से पहले वे गृहणी थीं और खेतों में मजदूरी भी करती थीं। वे वर्ष 2019 में समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें सीआई राशि के रूप में 20 हजार रुपए प्राप्त हुए। इस राशि से उन्होंने पार्लर शुरू किया। इसके बाद समूह के माध्यम से उन्हें 40 हजार रुपए का सीसीएल ऋण मिला। इस राशि से उन्होंने कॉस्मेटिक दुकान शुरू की। व्यवसाय शुरू करने के बाद उनकी आमदनी में वृद्धि हुई और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने लगीं।
उन्होने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद स्वयं के साथ अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ाने का कार्य किया। उन्होंने सीआरपी के रूप में गांव-गांव जाकर लगभग 70 से 80 स्वयं सहायता समूहों का गठन कराया तथा लगभग 700 से 800 महिलाओं को समूहों से जोड़ा। इसके बाद उनका चयन बैंक सखी के रूप में हुआ।
उन्होंने कालुखेडा सेंटर बैंक में बैंक सखी के रूप में कार्य करते हुए लगभग 300 स्वयं सहायता समूहों के खाते खुलवाए तथा लगभग 200 स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल ऋण दिलाने में सहयोग किया। पिछले वर्ष तक उनके माध्यम से लगभग 8 करोड़ रुपए का ऋण समूहों को दिलाया जा चुका था और इस वर्ष अब तक लगभग 1 करोड़ रुपए का ऋण कराया जा चुका है।
उन्हें बैंक की ओर से कियोस्क की आईडी भी मिली है। इसके माध्यम से वे ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराते हुए लोगों को घर-घर जाकर बैंकिंग एवं पैसे के लेन-देन की सुविधा देती हैं। वृद्धावस्था पेंशन सहित अन्य राशि प्राप्त करने वाले लोगों को पैसे निकालने में भी सहयोग करती हैं। उन्होंने अपने पति को भी ऑनलाइन कार्य से जोड़ा है और उनके लिए ऑनलाइन शॉप शुरू करवाई है।
कृष्णा बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। पहले उनके पास साइकिल भी नहीं थी लेकिन आज उनके पास स्कूटी है। उन्होंने अपना स्वयं का मकान भी बनाया है। वर्तमान में उनकी मासिक आमदनी लगभग 45 हजार रुपए हो चुकी है। उन्होंने हाल ही में फोर व्हीलर भी खरीदी है और स्वयं उसे चलाना सीख चुकी हैं। वे स्वयं लखपति दीदी बनी हैं और उनके साथ जुड़ी अन्य महिलाओं को भी ऋण एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़कर लखपति दीदी बनाने का प्रयास कर रही हैं।
कृष्णा कपासिया ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से जुड़कर उनके जैसी गरीब महिलाएं भी आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। कृष्णा कपासिया ने अपनी सफलता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव तथा आजीविका मिशन को धन्यवाद दिया है।


