सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत 'कहानी सेवा की' श्रृंखला में आज हम बात कर रहे हैं कभी आर्थिक संकट के कारण मिट्टी के बर्तन बनाने का पारंपरिक व्यवसाय बंद होने की कगार पर पहुंच गया था। परिवार के भरण-पोषण की चिंता बढ़ रही थी, लेकिन सरकारी योजना से मिली मदद ने कमला बाई प्रजापति के जीवन में फिर उम्मीद जगाई। आज उनका व्यवसाय दोबारा चल पड़ा है और परिवार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
नगर परिषद बंडा क्षेत्र की निवासी कमला बाई को पीएम स्वनिधि योजना की जानकारी नगर परिषद द्वारा की गई मुनादी के माध्यम से मिली। योजना के तहत उन्हें स्टेट बैंक, बंडा से पहले 10 हजार रुपये का ऋण मिला। इसके बाद उन्हें 20 हजार रुपये का ऋण भी प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने अपने पारंपरिक मिट्टी के बर्तन व्यवसाय को फिर से खड़ा करने में किया।
सरकारी सहायता से शुरू हुआ यह प्रयास अब रंग ला रहा है। बंडा में स्थित उनकी दुकान पर ग्राहकों की संख्या बढ़ रही है और मिट्टी के बर्तन बनाने का काम पहले की तुलना में बेहतर चल रहा है। कमला बाई अब इसी व्यवसाय से परिवार की आजीविका चला रही हैं।
योजना से जुड़ने के बाद उन्हें सुरक्षा बीमा योजना और जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ भी मिला। कमला बाई बताती हैं कि व्यवसाय दोबारा शुरू होने से उनके बच्चों की पढ़ाई बेहतर ढंग से चल रही है और परिवार के खर्च की जिम्मेदारी वह स्वयं संभाल पा रही हैं। कमला बाई कहती हैं कि शासन की ऋण योजनाओं ने मुश्किल समय में उनका साथ दिया और उन्हें दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिला। वह प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकारी सहायता से उनके जीवन में फिर से खुशहाली लौटी है।

