कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि चीता प्रोजेक्ट से श्योपुर की अंर्तराष्ट्रीय पहचान मिली है तथा कूनो नेशनल पार्क में साल दर साल पर्यटन गतिविधियां बढती जा रही है और पर्यटको की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है।

चीतो के साथ ही वनोत्पाद, हस्तशिल्प को भी पर्यटन की सह-गतिविधियों में शामिल कर बढावा दिया जायें, जिससे पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर बढेंगे।

बैठक में डीएफओ कूनो श्री आर थिरूकुराल, सीईओ जिला पंचायत श्री कार्तिकेय जायसवाल, परिषद के नोडल एवं अपर कलेक्टर श्री रूपेश उपाध्याय, एडिशनल एसपी श्री प्रवीण भूरिया, डिप्टी कलेक्टर श्री शिवलाल शाक्य, पुरातत्व विद श्री कैलाश पाराशर, सहरिया संग्राहलय के श्री आदित्य चौहान सहित, राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण, पर्यटन विकास निगम, पुरातत्व विभाग के अधिकारी तथा होटल एवं ट्रेवल एजेंसी संचालक आदि उपस्थित थे।

कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने कहा कि होमस्टे को बढावा देने का कार्य किया जायें तथा युवाओं को गाइड का प्रशिक्षण प्रदान किया जायें। समूहों के माध्यम से दीदी कैफे का संचालन किया जायें तथा हस्तशिल्प और वनोपज उत्पादों को प्रमोट किया जायें। जिले के प्रमुख मार्गो और सार्वजनिक स्थलों पर चीता के प्रमोशन के लिए आकर्षक साइन बोर्ड लगाये जायें।

इसके साथ ही उन्होंने धनायचा, पातालगढ तथा कलमी स्थित तालाब घाट के संरक्षण एवं विकास योजना में शामिल करने के प्रस्ताव एमपी टूरिज्म को भेजे जाने के निर्देश दिये।

कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने कहा कि पर्यटन विकास निगम द्वारा सेसईपुरा में 24.40 करोड की लागत से बनाये जा रही कूनो रिसोर्ट का निर्माण समयावधि में पूर्ण किया जायें, इसी प्रकार टिकटोली गेट पर 05 करोड रूपये की लागत से बन रहे पर्यटन सुविधा केन्द्र एवं कैफेटेरिया का निर्माण भी शीघ्रता से पूर्ण किया जायें।

उन्होंने रामेश्वर त्रिवेणी संगम की साफ-सफाई तथा वहां स्थित रेस्टहाउस की मरम्मत कराये जाने के निर्देश भी चंबल अभ्याण के अधिकारियों को दिये।

डीएफओ कूनो श्री आर थिरूकुराल ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में पर्यटको की संख्या निरंतर बढ रही है, उन्होंने जानकारी दी कि टिकटोली गेट पर शॉवनियर शॉप स्थापित है तथा पर्यटको के लिए 10 जिप्सी एवं 08 गाइड उपलब्ध है, यहां पर्यअकों के लिए कूनो विजिट हेतु बुकिंग की सुविधा भी है।

अपर कलेक्टर एवं परिषद के नोडल अधिकारी श्री रूपेश उपाध्याय ने बताया कि रामेश्वर तीर्थ स्थल का विकास जनभागीदारी से किया जा रहा है, जिसके तहत मंदिरों का जीर्णोद्धार भी होगा।

पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कूनो रिसोर्ट का निर्माण जारी है, इसके अंतर्गत 23 कॉटेज बनाये जा रहे है, साथ ही स्वीमिंग पुल और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही है। प्रथम चरण का कार्य दिसंबर 2026 में तथा द्वितीय चरण का कार्य जून 2027 में पूर्ण कर लिया जायेगा।

उन्होंने जानकारी दी कि 01 करोड 12 लाख रूपये की लागत से चीता प्रमोशन के लिए साइनेज बोर्ड लगाने का कार्य एक माह में पूर्ण कर लिया जायेगा।

इसके साथ ही अवगत कराया कि पर्यटन गतिविधियों से संबंधित 9 कार्य प्रस्तावित किये गये है, जिसके तहत सेसईपुरा में 11 करोड की लागत से स्टॉप डैम एवं जल क्रीडा विकास, 30 करोड की लागत से बायो डायर्वसिटी पार्क का निर्माण कराया जायेगा, जिसमें बटरफ्लाई जोन, ड्रेगन फ्लाई जोन, ओपन एयर थियेटर, रेस्टोंरेट, हर्बल कैफे आदि सुविधाएं विकसित की जायेगी। 02 करोड की लागत से गिद्ध संरक्षण एवं व्याख्या केन्द्र भी बनाया जायेगा।

इसी प्रकार 08 करोड की लागत से आमेठ फोर्ट के संरक्षण और विकास का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इसके साथ ही डोब कुण्ड एवं जैन मंदिर के संरक्षण एवं विकास, ईको पर्यटन स्थल देवखो के विकास कार्य भी शामिल किये गये है। श्योपुर जिला मुख्यालय पर 03 करोड की लागत से सोनेश्वर घाट, गिर्राज घाट, जती घाट, पंडित घाट का विकास भी प्रस्तावित है।

रामेश्वर राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण के अधिकारियों ने जानकारी दी कि रामेश्वर घडियाल सफारी शुरू करने की तैयार की जा रही है तथा दीपावली के उपरांत इसे शुरू कर दिया जायेगा। बैठक में होटल संचालको, ट्रेवल्स एजेंसी संचालको द्वारा भी उपयोगी सुझाव दिये गये।