विद्यार्थियों की तकनीकी प्रतिभा, नवाचार और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत बुधवार 7 अक्टूबर को शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, बालाघाट में जिला स्तरीय तकनीकी मॉडल एवं प्रोटोटाइप प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री कुमार सत्यम के मार्गदर्शन में आयोजित यह प्रदर्शनी शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय एवं सतपुड़ा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड पॉलिटेक्निक, बालाघाट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी रहीं। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि, सतपुड़ा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड पॉलिटेक्निक के प्राचार्य एवं डायरेक्टर, जनभागीदारी समिति के सदस्य, विभिन्न महाविद्यालयों से आए विषय विशेषज्ञ एवं निर्णायक, शिक्षक, मेंटर्स, प्रतिभागी विद्यार्थी तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद श्रीमती भारती पारधी ने संस्थान परिसर में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना तथा ‘एक पौधा मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कर किया।
स्थानीय समस्याओं के समाधान पर केंद्रित रहे मॉडल
प्रदर्शनी का मुख्य विषय ‘स्थानीय समस्याओं के तकनीकी समाधान हेतु नवाचार एवं तकनीकी मॉडल/प्रोटोटाइप निर्माण’ रखा गया। इसमें विद्यार्थियों ने कृषि, जल प्रबंधन, सुरक्षा, ऑटोमेशन, स्मार्ट तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नवाचारों को प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी में विभिन्न स्तरों से 100 से अधिक मॉडल एवं प्रोटोटाइप प्रदर्शित किए गए। इन्हें विद्यालय स्तर, आईटीआई स्तर, पॉलीटेक्निक स्तर, इंजीनियरिंग कॉलेज स्तर तथा राज्य स्तर पर चयनित मॉडल एवं नवाचार की पांच प्रमुख श्रेणियों में रखा गया।विद्यालय स्तर के विद्यार्थियों ने विज्ञान एवं तकनीक आधारित प्रारंभिक नवाचार प्रस्तुत किए, जबकि आईटीआई स्तर पर व्यावहारिक एवं ट्रेड आधारित मॉडल प्रदर्शित किए गए। पॉलीटेक्निक विद्यार्थियों ने कृषि, जल प्रबंधन और ऑटोमेशन से संबंधित प्रोटोटाइप तैयार किए। इंजीनियरिंग कॉलेज स्तर पर IoT एवं ऑटोमेशन आधारित उन्नत तकनीकी मॉडल प्रदर्शित किए गए।
राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत और पेटेंट प्राप्त प्रोजेक्ट भी प्रदर्शित
प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालाघाट के चार ऐसे प्रोजेक्ट रहे, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं तथा जिनका पेटेंट भी कराया जा चुका है। इसके अलावा ऑटोमैटिक इरिगेशन सिस्टम, स्मार्ट वाटर पंप, सोलर ट्रैकर, एक्सीडेंट डिटेक्शन सिस्टम सहित कृषि, जल संरक्षण, सुरक्षा एवं स्मार्ट गवर्नेंस से जुड़े कई उपयोगी प्रोजेक्ट प्रदर्शित किए गए। इन मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह प्रदर्शित किया कि तकनीकी शिक्षा को स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़कर समाजोपयोगी समाधान विकसित किए जा सकते हैं। उत्कृष्ट मॉडलों को आगे इन्क्यूबेशन सेंटर एवं तकनीकी मेंटरिंग के माध्यम से व्यावहारिक और सामाजिक उपयोग के लिए विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
सांसद ने विद्यार्थियों से जानी मॉडलों की कार्यप्रणाली
सांसद श्रीमती भारती पारधी ने प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए तकनीकी मॉडल एवं प्रोटोटाइप का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके मॉडल की कार्यप्रणाली, उपयोगिता तथा स्थानीय समस्याओं के समाधान में उसकी भूमिका के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ नवाचार, रचनात्मक सोच और समाजोपयोगी तकनीकी समाधानों को बढ़ावा देना आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान एवं तकनीकी कौशल का उपयोग समाज और क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए करना चाहिए।इस अवसर पर शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय के प्राचार्य श्री आर.एम. सोनवे ने संस्था के इतिहास एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था की स्थापना वर्ष 1962 में दानवीर मानेकजी मेरवानजी (मुलनाजी) द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि एवं भवन में ‘ओपन डोर पॉलिसी’ के अंतर्गत हुई थी। वर्तमान में संस्था में सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल तथा कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य श्री आर.एम. सोनवे ने अतिथियों, निर्णायक मंडल, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


